9 दिसंबर 2012 - 20:30

इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमायाः ख़ाके शिफ़ा (इमाम ह़ुसैन (अ स) के क़ब्र की मिट्टी) पर सजदा करने से सातों ज़मीनों तक नूर बरसता है और अगर कोई ख़ाके शिफ़ा की तसबीह़ अपने साथ रखता है तो वह अपने आप तसबीह़ करती है चाहे तसबीह़ न भी पढ़ी जाये........

قال الصادق (ع): السجود على طین قبرالحسین (ع) ینور الى الارض السابعة و من كان معه سبحة من طین قبرالحسین (ع) كتب مسبحا و ان لم یسبح بها...(38)इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम ने फ़रमायाः ख़ाके शिफ़ा (इमाम ह़ुसैन (अ स) के क़ब्र की मिट्टी) पर सजदा करने से सातों ज़मीनों तक नूर बरसता है और अगर कोई ख़ाके शिफ़ा की तसबीह़ अपने साथ रखता है तो वह अपने आप तसबीह़ करती है चाहे तसबीह़ न भी पढ़ी जाये।..........166